नए आकाशगंगा समाचार अंतरिक्ष से लगभग एक सौ लाख वर्ष के दूर हैं. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एक टीम के नेतृत्व में अनुसंधानकर्ताओं ने दो ‘सुपर-पफ’ ग्रहों की खोज की है जो बृहस्पति से बड़े हैं लेकिन उनका घनत्व कोटन कैंडी के समान हल्का है. यह खोज रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के मोंथली नोटिस नामक जर्नल में गुरुवार को प्रकाशित की गई. ये दो हल्के ग्रह तारे के चारों ओर घूमते हैं जो पृथ्वी से 1,110 लाख वर्ष के दूर स्थित हैं. इस तारे के नाम वोलान नक्षत्र के दक्षिण में है. अनुसंधान कार्य ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, यूनिवर्सिटी डी कोट ड’अजर एवं यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के सहयोग से किया गया. तारे के चारों ओर घूमते दो ग्रहों के घनत्व के अनुसार टॉई-791 ब के घनत्व 0.038 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर है जबकि टॉई-791 सी के घनत्व 0.047 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर है. पृथ्वी के घनत्व 5.5 ग्राम प्रति सेंटीमीटर है जबकि कोटन कैंडी के घनत्व 0.05 ग्राम प्रति सेंटीमीटर है. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के जॉर्ज ड्रैंसफील्ड के अनुसार ये ग्रह अपने आकार के लिए अब तक सबसे हल्के ग्रह हैं. ड्रैंसफील्ड ने एसोसिएटेड प्रेस को ईमेल करके कहा, ‘इन दो ग्रहों के घनत्व एक अच्छे बर्फी के बर्फी के जैसे हैं जो बर्फी के कैन से निकले हुए हैं.’ अनुसंधानकर्ताओं ने इन ग्रहों को ‘भाई-बहन’ कहा और बताया कि वे एक ही गैस एवं धूल के घटक से बने थे जो उनके घूमते हुए तारे के चारों ओर घूमता है. अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि केवल चार अन्य प्रणालियों में बहुत सारे इस तरह के ग्रह हैं. ड्रैंसफील्ड ने अनुसंधान में बताया, ‘केवल कुछ ऐसे ग्रहों के बारे में जाना जाता है और एक प्रणाली में दो ऐसे ग्रहों के बारे में जानना बहुत कम है. इन ग्रहों के बहुत कम घनत्व के कारण वे अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बहुत रोचक लक्ष्य हैं.
ट्विटर पर साझा करें: अनुसंधानकर्ताओं ने बृहस्पति से बड़े ग्रहों की खोज की

