वाशिंगटन एकोलॉजी विभाग ने घोषणा की कि सिएटल बारल कंपनी को खतरनाक कचरा प्रबंधन में अपराध के लिए 1.5 लाख रुपये का जुर्माना दिया गया है. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने खतरनाक कचरा के सुरक्षित रखे जाने के लिए नियमों का पालन नहीं किया और अपवाद प्रक्रिया में कचरा के ट्रैकिंग के लिए जिम्मेदारी नहीं ली. फरवरी 2025 की जांच में पाया गया कि कंपनी ने कचरा के खतरनाक प्रकृति के बारे में दस्तावेजी तैयारी नहीं की और आपातकालीन योजना व कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं की. कंपनी बर्बाद हुए स्टील और प्लास्टिक बर्ल के पुनर्चालन करती है जो पेट्रोलियम उत्पादों, विलायतों, पेंट आदि के रूप में पहले उपयोग किए जाते थे. अधिकारियों ने कहा कि कंपनी ने कुछ अपराधों को सुधारा लेकिन अन्य अपराधों के बारे में जवाब नहीं दिया. कैटरिना लैसिटर, खतरनाक कचरा और विषैली वस्तुओं के कम करने के कार्यक्रम के प्रबंधक ने कहा, ‘खतरनाक कचरा के सुरक्षित रखे जाने की नियमित जांच और आपातकालीन स्थिति में कर्मचारियों के प्रशिक्षण सभी मूल भद्रता सिद्धांत हैं.’ जुर्माना पहले कार्यवाही के बाद हुआ है. विभाग ने 2014 में जुर्माना दिया था और 2017 में कानूनी आदेश जारी किया गया था. लैसिटर ने बताया कि कंपनी ने अपने अपराधों के बारे में सम्पूर्ण जवाब देने में विफलता की.
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