रिचलैंड में एक प्रयोग के दौरान शोधकर्ताओं ने एक नए तरीके का परीक्षण किया, जिससे शौचालय अपशिष्ट को नलिका गुणवत्ता वाली पुनर्चक्रण गैस में बदला जा सकता है. इस तकनीक ने वर्तमान विधियों की तुलना में लगभग 200 फीसदी अधिक पुनर्चक्रण गैस उत्पन्न की और अंतिम अपशिष्ट निपटान खर्च को लगभग 50 फीसदी तक कम कर दिया. शोध के परिणाम रासायनिक अभियांत्रिकी जर्नल में प्रकाशित किए गए. बिर्गिट एहरिंग, शोध पेपर के प्रतियोगी लेखक और वाशिंगटन राज्य विश्वविद्यालय के बायोप्रोडक्ट्स, साइंस एंड इंजीनियरिंग लेबरेटरी के प्रोफेसर ने कहा, ‘इस तकनीक ने शौचालय अपशिष्ट के लगभग 80 फीसदी को मूल्यवान चीज में परिवरतित कर दिया है. अगर हम इस काम को अन्य जैविक सामग्री पर दोहरा सकते हैं, तो हम एक वैश्विक दर्जा की अपशिष्ट निपटान तकनीक प्राप्त कर सकते हैं.’
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