22/05/2026 08:45

डॉ. टेड्रोस ने कॉंगो में एबोला खतरा बहुत उच्च कहा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अध्यक्ष डॉ. टेड्रोस अधनोम गीब्रेएसयस ने शुक्रवार को कहा कि कॉंगो में एबोला महामारी के खतरा ‘बहुत उच्च’ हो गया है और यह तेजी से फैल रही है. उन्होंने कहा कि वैश्विक फैलाव के खतरा निम्न है, लेकिन यूनाइटेड नेशन्स स्वास्थ्य एजेंसी ने कॉंगो में खतरे का आकलन अपने पहले श्रेणी ‘उच्च’ से अधिक बढ़ा दिया है. डॉ. टेड्रोस ने रिपोर्ट के अनुसार कहा कि कॉंगो में 82 मामले पुष्टि किए गए हैं, जिनमें से सात मौतें हुई हैं. वह बताते हुए कहा कि महामारी के खतरा ‘बहुत बड़ा’ है, जिसके कारण अब लगभग 750 अनुमानित मामले और 177 अनुमानित मौतें हो गई हैं. कॉंगो और उसके पड़ोसी देश युगांडा में इस दुर्लभ वायरस के फैलाव के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य के खतरा बढ़ गया था. असोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, कॉंगो के अधिकारियों का मानना है कि इस साल अनुमानित और पुष्टि किए गए मौतों की संख्या इतिहास में सबसे अधिक है. न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार, कॉंगो में 2018 के एबोला महामारी दूसरी सबसे ज्यादा मौतों वाली थी और इसे दो साल तक नियंत्रित करना पड़ा था. टाइम्स के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान महामारी कॉंगो के इतुरी जिले के मंगवालु में शुरू हुई है. युगांडा के राजधानी काम्पला में भी मामले पुष्टि किए गए हैं. WHO के अधिकारियों ने कहा कि एबोला महामारी के फैलाव के खतरा अफ्रीका में आर्थिक संकट के कारण और बड़ी आबादी के चलने के कारण बढ़ गया है, जिसके साथ-साथ इस क्षेत्र में अनौपचारिक स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी नेटवर्क भी है.

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डॉ. टेड्रोस ने कॉंगो में एबोला खतरा बहुत उच्च कहा

कॉंगो में एबोला महामारी के खतरा ‘बहुत उच्च’ हो गया! 750 मामले और 177 मौतें हो गई. युगांडा में भी मामले पुष्टि किए गए.