सिएटल में मेमोरियल डे के 99वें वार्षिक समारोह के दौरान एवरग्रीन वॉशेली कब्रिस्तान में अमेरिकी ध्वजों वाले कब्रों की एक पंक्ति दिखाई दी. इस समारोह में देश के संस्थापन से लेकर लड़ाई में मर गए 13 लाख सैनिकों की याद में श्रद्धांजलि दी गई. कब्रिस्तान के बाहर आने वाली भीड़ में नैंसी और रिचर्ड गैरेजन के भाई-बहन भी शामिल थे, जो अपने परिवार के बर्बाद हो गए सैनिकों के कब्रों पर ध्वज लगाने के लिए आए थे. नैंसी के पिता एक वीर थे, जिन्होंने कुछ साल पहले 99 वर्ष की आयु में दुनिया छोड़ दी थी. रिचर्ड ने वियतनाम युद्ध में नौसेना में सेवा की थी. नैंसी के पति भी युद्ध में गए थे और उन्होंने कहा कि वह कभी वापस नहीं आए.
“मुझे लगता है कि वे वियतनाम में मर गए, लेकिन उनके लिए यह 50 साल लग गए.” नैंसी गैरेजन ने कहा. उनके पति ने दम लेने के बजाए युद्ध के चोटों से जूझते रहे, जिन्हें उन्होंने एजेंट ओरेंज के संबंध में बहुत समस्याओं के रूप में वर्णित किया. रिचर्ड ने भी इस बारे में बोला.
“सभी के तनाव के कारण वह कभी बर्बाद नहीं हो सके.” रिचर्ड गैरेजन ने कहा. समारोह में एक बोलते हुए व्यक्ति ने जनता के सामने दिन के अर्थ के पूरे विवरण दिया, जिसमें देश के युद्धों में अपनी जान देने वाले 13 लाख सैनिकों, नौसेनिक, वायु सेना के जवानों, नौसेना के जवानों और समुद्री बलों के जवानों की याद लगाई.
“इतना कठिन होता है कि आंसू न आएं. यह बहुत गहरा अहसास होता है.” नैंसी ने कहा. रिचर्ड ने इस बारे में आसान शब्दों में कहा, जो देश के अनेक कब्रिस्तानों में शनिवार को लोगों के आगंतुक होने के कारण होता है.
“उन्होंने अपने देश के लिए सेवा की, और वे अंतिम बलिदान करने के लिए तैयार रहे.” रिचर्ड ने कहा.
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