प्रशांत उत्तरी अमेरिका में कभी नहीं देखे गए एक छोटे से टेपवर्म के अस्तित्व की खोज एक नए अध्ययन में की गई है, जिसमें सिएटल क्षेत्र के अधिकांश शहरी कोयोट में इस टेपवर्म के उपस्थिति की पहचान हुई है. इस अध्ययन के अनुसार, विश्वविद्यालय ऑफ वैशिंगटन के शोधकर्ताओं ने 100 कोयोट के शवों की जांच की, जिनमें से 37 को इस टेपवर्म के संक्रमित रहे. इस टेपवर्म को एचिनोकोककस मल्टिलोकुलरिस के रूप में जाना जाता है, जिसे फॉक्स टेपवर्म के रूप में भी जाना जाता है. इस टेपवर्म के कारण एक डॉग को बीमारी हो सकती है, लेकिन एक व्यक्ति के लिए यह खतरनाक बीमारी के कारण बन सकता है जो कई साल बाद भी जीवन को खतरा लगा सकती है.
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