सिएटल – 2025 में अपहंसित नौसेना वीर के गोलीबारी मामले में गुरुवार को अदालत ने फैसला सुनाया. ग्रेगरी टिम को द्वितीय डिग्री अपराध में दोषी ठहराया गया, जो अभियोजकों द्वारा मांगे गए अपराध से कम था. शिकायतकर्ता हारोल्ड पॉवेल ने टिम के मुकदमे में गवाही दी.
पॉवेल ने कहा, ‘आप लोगों को कह रहे थे, ‘हे लोग, एक झूठा वीर है.’ उन्होंने बताया कि टिम ने अपने सैन्य पहचान पत्र दिखाने की मांग की और उनके व्हीलचेयर से एक पैच खींच लिया बाद गोलीबारी की.
पहले कवरेज में गोलीबारी से पहले व्हीलचेयर वाले व्यक्ति के झगड़े का विवरण दिखाया गया है. पॉवेल ने अपने व्हीलचेयर का उपयोग करके टिम के पास जाने की कोशिश की और अपने कमर से जो टिम को गोली लगी वह एक हथियार लगे लग रहा था. जवाब में टिम ने अपने बैग से एक हथियार निकाला, पॉवेल पर इसका इशारा किया और उनके दिल पर एक गोली चलाई.
पॉवेल ने मान लिया कि उनके पास एक कांटा था. ‘मैं अपहंसित हूं, मुझे लड़ने की क्षमता नहीं है, लेकिन अगर मेरे जीवन की बात हो तो मैं लड़ूगा’ बोलते हुए उन्होंने कहा.
टिम को अगले महीने किंग काउंटी कोर्ट हाउस में दंड दिया जाएगा. उनके खिलाफ तीन से नौ महीने कैद और अनिवार्य 36 महीने के हथियार विस्तार का सामना करना होगा.
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